बिहार दिवस: बच्चों ने दिया जल बचाने का संदेश
बिहार दिवस और जल दिवस: बच्चों ने दिया संरक्षण का संदेश, युवतियां बनीं आत्मनिर्भर 💧
चित्रकला के माध्यम से पर्यावरण का आह्वान
औरंगाबाद में चहकता आंगन फाउंडेशन द्वारा बिहार दिवस और विश्व जल दिवस के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में बच्चों और युवाओं ने अपनी तूलिका के माध्यम से “जल बचाएं” और “पेड़ नहीं काटें” जैसे संवेदनशील विषयों पर शानदार कलाकृतियां उकेरीं। नन्हे कलाकारों के इस प्रयास ने उपस्थित जनसमूह को प्राकृतिक संसाधनों के प्रति जागरूक होने की प्रेरणा दी।

कौशल विकास और आत्मनिर्भरता की नई उड़ान 🧵
संस्था केवल जागरूकता तक सीमित नहीं रही, बल्कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी ठोस कदम उठाए गए:
-
प्रमाण पत्र वितरण: ब्यूटीशियन और सिलाई कार्य का प्रशिक्षण पूर्ण करने वाली युवतियों को औपचारिक रूप से सर्टिफिकेट प्रदान किए गए।
-
उद्देश्य: इन युवतियों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना और समाज की मुख्यधारा से जोड़ना।

विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति 🤝
कार्यक्रम की शुरुआत ‘बिहार गीत’ की गूँज के साथ हुई। मुख्य अतिथि के रूप में सामाजिक कार्यकर्ता शिव गुप्ता उपस्थित रहे। उनके साथ संस्था के डायरेक्टर अमित कुमार, सचिव सौरभ कुमार और चेयरपर्सन सोनू कुमार योगी सहित कई गणमान्य लोगों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

“युवाओं को कौशल आधारित शिक्षा अपनानी चाहिए। आत्मनिर्भर बनने की दिशा में चहकता आंगन फाउंडेशन के ये प्रयास समाज के विकास में मील का पत्थर साबित होंगे।” — शिव गुप्ता, मुख्य अतिथि
सम्मान और प्रोत्साहन 🏆
कार्यक्रम के समापन पर सभी मेधावी प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र, मेडल और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। सेंटर ट्रेनर अनुष्का भारती और आर्टिस्ट विक्रम कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम ने औरंगाबाद के युवाओं को एक नया मंच प्रदान किया। इस दौरान अंजली, परी और ज़ीनत प्रवीण सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।

मुख्य जानकारी:
-
आयोजक: चहकता आंगन फाउंडेशन, औरंगाबाद।
-
विषय: जल संरक्षण और कौशल विकास।
-
विशेष: सिलाई व ब्यूटीशियन कोर्स का दीक्षांत समारोह।
रिपोर्ट: मंन्टू ठाकुर, औरंगाबाद(बिहार)
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (आल राइट्स मैगज़ीन )

