बिहार: मुख्य सचिव ने ली CMG की बैठक
बिहार में क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप (CMG) की पहली बैठक: मुख्य सचिव ने दिए सख्त निर्देश
पटना: बिहार के मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में आज क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप (CMG) की पहली उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई। लगभग डेढ़ घंटे तक चली इस मैराथन बैठक में राज्य के भीतर आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति, प्रवासी श्रमिकों के हितों की रक्षा और जमाखोरी के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर विशेष जोर दिया गया।
नियमित मॉनिटरिंग और नोडल विभाग
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि अब से क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक प्रत्येक सोमवार को नियमित रूप से आयोजित की जाएगी। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग को इस समूह का नोडल विभाग नामित किया गया है, जो सभी समन्वय कार्यों की देखरेख करेगा।

बैठक के मुख्य निर्णय और कड़े निर्देश
1. PNG और LPG आपूर्ति: 14 जिलों में ‘शून्य’ प्रगति पर नाराजगी
-
पीएनजी (PNG): राज्य के 14 जिलों में पीएनजी कार्य की प्रगति शून्य पाए जाने पर मुख्य सचिव ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने जिलाधिकारियों (DM) और पुलिस अधीक्षकों (SP) को तत्काल कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। वर्तमान में बिहार में 3.68 लाख घरों का लक्ष्य है, जिसमें से करीब 2.30 लाख घर कनेक्शन के लिए तैयार हैं।
-
एलपीजी (LPG) बैकलॉग: पश्चिम चंपारण, गया, मुजफ्फरपुर और भागलपुर सहित 14 जिलों में एलपीजी सिलेंडर के बढ़ते बैकलॉग को अविलंब खत्म करने का निर्देश दिया गया। ‘दीदी की रसोई’ और सरकारी छात्रावासों में ईंधन आपूर्ति बाधित न हो, यह सुनिश्चित करना तेल कंपनियों की प्राथमिकता होगी।

2. जमाखोरी और कालाबाजारी पर ‘जीरो टॉलरेंस’
मुख्य सचिव ने जिला प्रशासन को निर्देशित किया कि आवश्यक वस्तुओं की कृत्रिम कमी पैदा करने वाले जमाखोरों पर तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाए। विशेषकर सीमावर्ती जिलों में विशेष सतर्कता बरतने और कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त पहरा देने को कहा गया है।

3. प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा और हेल्पलाइन
-
टोल-फ्री नंबर: श्रम संसाधन विभाग को निर्देश दिया गया है कि वे खाड़ी देशों (Middle East) या अन्य राज्यों से लौट रहे बिहारी श्रमिकों की सहायता के लिए तत्काल एक टोल-फ्री नंबर जारी करें।
-
डेटाबेस: जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने क्षेत्र में आने वाले प्रवासी मजदूरों का एक सटीक डेटाबेस तैयार करें ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
4. अफवाहों पर लगाम और जन-संवाद
-
प्रतिदिन प्रेस वार्ता: जनता में भय का माहौल न बने, इसके लिए सभी जिलाधिकारियों को प्रतिदिन अपराह्न 3:00 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करने का निर्देश दिया गया है।
-
सोशल मीडिया: फर्जी खबरों और भ्रामक जानकारियों का तत्काल खंडन करने के लिए सोशल मीडिया सेल को अलर्ट रहने को कहा गया है।

प्रभारी सचिवों का ‘फील्ड विजिट’
मुख्य सचिव ने सभी प्रभारी सचिवों और प्रमंडलीय आयुक्तों को आगामी दो दिनों के भीतर अपने निर्धारित जिलों का स्थलीय निरीक्षण करने का टास्क दिया है। वे मौके पर जाकर एलपीजी स्टॉक, कंट्रोल रूम की कार्यप्रणाली और प्रवासी मजदूरों की स्थिति का भौतिक सत्यापन करेंगे।
उपस्थिति: बैठक में विकास आयुक्त, पुलिस महानिदेशक (DGP), गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव और सभी प्रमुख विभागों के सचिव उपस्थित रहे। सभी जिलों के डीएम और एसपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
रिपोर्ट: जया कुमारी,पटना(बिहार)
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

