बरेली। अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने इत्तेहादे मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सुनियोजित साजिश के तहत सनातनी पर्वों पर दंगा कराने की कोशिश की जा रही है।
बरेली। अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने इत्तेहादे मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सुनियोजित साजिश के तहत सनातनी पर्वों पर दंगा कराने की कोशिश की जा रही है। बुधवार को महासभा के मंडल अध्यक्ष पंकज पाठक कार्यकर्ताओं के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे और सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपकर कड़ा ऐतराज जताया।
महासभा ने आरोप लगाया कि आईएमसी सरगना तौकीर रजा खान हर त्यौहार से पहले भड़काऊ बयान और आंदोलनों की घोषणा करके शहर का अमन-चैन बिगाड़ने की साजिश रचते हैं।
वहीं, उनके करीबी नेता नफीस खान द्वारा इंस्पेक्टर को हाथ काटने और वर्दी उतारने की धमकी देना खुले तौर पर संविधान और कानून पर अविश्वास दर्शाता है।
2010 दंगों का हवाला ज्ञापन में वर्ष 2010 में बरेली दंगों और चौकियों पर हमलों का जिक्र करते हुए कहा गया कि उस समय भी तौकीर रजा की भूमिका संदिग्ध रही थी। महासभा ने कहा कि आईएमसी लगातार ऐसे कदम उठाती है, जिनसे शहर की शांति व्यवस्था खतरे में पड़ती है।
महासभा की मांगें हिंदू महासभा ने प्रशासन से मांग की कि नफीस खान को तत्काल गिरफ्तार किया जाए।
26 सितंबर को प्रस्तावित आईएमसी की रैली और प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाया जाए।
तौकीर रजा खान और आईएमसी को आतंकवादी संगठन घोषित कर प्रतिबंधित किया जाए।
उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया जाए।
विरोध की चेतावनी महासभा ने साफ चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने कड़ा कदम नहीं उठाया तो संगठन सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगा।
इस दौरान संगठन के कई कार्यकर्ता—छोटू साहू, मुकेश, नितिन सक्सेना, सोहनलाल शुक्ला, सोनू राठौर, संदीप सैनी, अभिषेक शर्मा, अरुण, अंकित राज, विशाल सहित दर्जनों लोग मौजूद रहे
बरेली से रोहिताश कुमार की रिपोर्ट
