बरेली। मरकज़ दरगाह आला हज़रत पर आज रमज़ान शरीफ का चांद देखने का विशेष एहतमाम किया गया।
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बरेली। मरकज़ दरगाह आला हज़रत पर आज रमज़ान शरीफ का चांद देखने का विशेष एहतमाम किया गया। दरगाह के सरपरस्त हज़रत सुब्हानी मियां और सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां की सदारत में कोशिश की गई ।
बड़ी संख्या में उलमा-ए-किराम, दरगाह से जुड़े ज़िम्मेदारान और अकीदतमंद इस मौके पर मौजूद रहे।
दरगाह परिसर में मगरिब के बाद चांद देखने की पूरी तैयारी की गई थी। अकीदतमंदों ने रमज़ान के मुकद्दस महीने की शुरुआत के लिए चांद का दीदार करने की कोशिश की, लेकिन आसमान में घने बादल छाए होने की वजह से चांद नज़र नहीं आ सका।
दरगाह प्रशासन की ओर से बताया गया कि फिलहाल शरई शहादत (इस्लामी मान्यता के अनुसार प्रमाणित सूचना) पर निगाहें टिकी हुई हैं। अगर किसी अन्य स्थान से चांद दिखाई देने की शहादत प्राप्त होती है और उसकी पुष्टि होती है, तो दरगाह आला हज़रत की ओर से तुरंत आधिकारिक एलान किया जाएगा इंशाअल्लाह ।
रमज़ान शरीफ मुसलमानों के लिए इबादत, रहमत और बरकत का महीना माना जाता है। इस पाक महीने की शुरुआत चांद दिखाई देने पर होती है, इसलिए चांद देखने का खास महत्व माना जाता है।
दरगाह के जिम्मेदारों ने अकीदतमंदों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल दरगाह या अधिकृत धार्मिक संस्थाओं के एलान पर ही अमल करें।
रिपोर्ट: रोहिताश कुमार भास्कर,
बरेली,
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (आल राइट्स मैगज़ीन )
