Bareilly-डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने अपनी 20 सूत्रीय मांगों को लेकर दिया धरना

बरेली के जिला अस्पताल प्रांगण में आज डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने अपनी 20 सूत्रीय मांगों को लेकर धरना दिया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी बरेली को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा।

यह मांगे हैं डिप्लोमा फार्मेसिस्ट एसोसिएशन उत्तर प्रदेश की। 1 फार्मेसिस्ट संवर्ग में अराजपत्रित पदों पर कार्यरत फार्मेसिस्टों को पद योग्यता एवं कार्यदायित्व के अनुरूप अन्य समकक्षीय व तकनीकी डिप्लोमाधारी पद धारको की भांति ग्रेड पे रू ० 4600 / – का स्थापन्न वेतनमान प्रदान किये जाने। प्रदेश में कार्यरत समकक्षीय पदों के आधार पर प्रत्येक चीफ फार्मेसिस्टों को वेतनमान 15,600-39,100/ ग्रेड पे रुपये 5,400/ का स्थापन्न वेतनमान प्रदान किया करने व इसी क्रम में प्रभारी अधिकारी फार्मेसी को ग्रेड पे रुपये 6,600/ का स्थापन्न वेतनमान विशेष कार्याधिकारी फार्मेसी को ग्रेड पे 7,600 / का स्थापन्न वेतनमान तथा संयुक्त निदेशक फार्मेसी को ग्रेड पे 8,700/ रुपये का स्थापन्न वेतनमान प्रदान किये जाने। एलोपैथिक चिकित्सकों की अनुपस्थिति में फार्मेसिस्टों को प्रदान किया जाने वाला प्रभार भत्ता 75 रुपये के स्थान पर 750 रूपये प्रतिमाह निर्धारित किये जाने। महानिदेशालय द्वारा प्रेषित प्रस्ताव के अनुसार फार्मेसिस्ट का पद नाम फार्मेसी अधिकारी एवं चीफ फार्मेसिस्ट का पद नाम चीफ फार्मेसी अधिकारी किये जाने । विशेष कार्याधिकारी फार्मेसी का पद नाम बदल कर सहायक निदेशक फार्मेसी किये जाने । चिकित्सकों की अनुपस्थिति में चिकित्सीय कार्य कर रहे फार्मेसिस्टों को विधिक मान्यता दी जाने। फार्मेसी की शिक्षा को देखते हुए फार्मेसिस्टों को प्राथमिक उपचार के साथ कुछ सीमित उपचार हेतु औषधियों का नुस्खा लिखने का अधिकार प्रदान किये जाने। राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति के अनुसार प्रत्येक उपकेन्द्रों व वेलनेस सेन्टर पर तैनात किये जाने वाले किये जाने वाले सीएचओ की न्यूनतम शैक्षिक योग्यता डिप्लोमा फार्मेसी बैचलर फार्मेसी को भी शामिल किये जाने । उच्च स्तरीय वार्ताओं में लिये गये निर्णयों के क्रम में फार्मेसिस्ट संवर्ग के विभिन्न पदों का पुनर्गठन करते हुए प्रत्येक मुख्य चिकित्साधिकारी के अधीन एक प्रभारी अधिकारी फार्मेसी ( पदनाम जिला फार्मेसी अधिकारी ) , प्रत्येक जिला महिला विश्विद्यालयों में एक प्रभारी अधिकारी फार्मेसी एवं प्रत्येक 300 बेड व उससेबड़े चिकित्सालयों में अपर निदेशक के अधीन एक – एक विशेष कार्याधिकारी फार्मेसी तथा चार संयुक्त निदेशक फार्मेसी के पद सृजित किये जाने । फार्मेसिस्ट के पद सृजन के मानक में संशोधन करते हुए प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रो पर दो तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र , बड़े चिकित्सालयों एंव प्रत्येक मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालयों में अलग से आकस्मिक फार्मेसिस्ट के तीन पद सृजित किये जाने तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर तीन फार्मेसिस्ट एवं दो चीफ फार्मेसिस्ट के पदों का मानक भारत सरकार के सीजीएचएस में कार्यरत फार्मेसिस्टो की भांति एसीपी के साथ उच्च पदनाम भी प्रदान किये जाने । पूर्व में प्रेषित प्रस्ताव के अनुरूप 100 बेड के चिकित्सालयों में मानक के अनुसार अधिक बेड के चिकित्सालयों का मानक बनाये जाने । फार्मेसिस्टों की नियुक्ति हेतु न्यूनतम तकनीकी योग्यता भारत सरकार की भांति डिप्लोमा इन फार्मेसी + 02 वर्ष किसी मान्यता प्राप्त चिकित्सालय अथवा भेषजी में अनुभव अथवा बैचलर इन फार्मेसी निर्धारित कर फार्मेसिस्ट सेवा नियमावली 1980 में संशोधन किये जाने । ड्रग वेयर हाउस में फार्मेसिस्ट एवं चीफ फार्मेसिस्ट के पदों का सृजन किये जाने । प्रत्येक ट्रामा सेन्टर में फार्मेसिस्ट के तीन पद एवं चीफ फार्मेसिस्ट के दो पदों का मानक बनाकर पद सृजित किये जाने। कार्यरत डिप्लोमा फार्मेसिस्टों को भारत सरकार के गजट में प्रकाशित बैचलर फार्मेसी ( प्रेक्टिस ) रेगुलेशन 2014 के अनुसार दो वर्षीय ब्रिज कोर्स कराये जाने। इस हेतु आने वाले व्यय का वहन विभाग द्वारा किये जाने अथवा व्यय की प्रतिपूर्ति की जाने उक्त कोर्स पूरी तरह व्यवहारिक है , जो सप्तांहात में सांध्य दैनिक कक्षाओं के माध्यम से संचालित हो रहे हैं । वर्ष 1994 के बजट भाषण में की गयी घोषणा तथा अनेक उच्चस्तरीय बैठकों में लिये गये निर्णय के क्रम में प्रत्येक उपकेन्द्र पर फार्मेसिस्ट के एक पद सृजित किये जाने। औषधि अधिनियम ( Drug & Cosmetics Act 1940 ) के अनुसार ड्रग के अन्तर्गत परिभाषित समस्त औषधि , औषधि सामाग्री , सर्जिकल ड्रेसिंग व उपकरणों आदि के भण्डारों का प्रभारी , चीफ फार्मेसिस्ट / प्रभारी अधिकारी फार्मेसी को बनाये जाने। शव विच्छेदन कार्य हेतु पोस्टमार्टम भत्ता 40 / – रूपये के स्थान 100 / – प्रतिकेस किये जाने । राजपत्रित अवकाश एवं द्वितीय शनिवार में कार्य के बदले एक माह का अतिरिक्त वेतन एवं तीस दिन का आकस्मिक अवकाश प्रदान किये जाने सहित 20 सूत्रीय मांगे हैं। डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने कहा कि अगर उनकी मांगे पूरी नहीं हुई तो आगामी 5 दिसंबर से 8 दिसंबर तक फार्मेसिस्ट संवर्ग के समस्त अधिकारी व कर्मचारी काला फीता बांधकर कार्य करेंगे ताकि सरकार का ध्यान उनकी ओर आकर्षित हो। आगामी 9 दिसंबर से 16 दिसंबर तक समस्त फार्मेसिस्ट संपर्क के अधिकारी अथवा कर्मचारी 2 घंटे का कार्य बहिष्कार करेंगे जिसमें इमरजेंसी सेवाओं को बाधित नहीं किया जाएगा। आगामी 17 दिसंबर से 19 दिसंबर तक पूर्ण रूप से कार्य बहिष्कार करेंगे मगर इमरजेंसी सेवाएं बाधित नहीं होंगी। फिर भी मांगे पूरी नहीं होती है तो आगामी 20 दिसंबर से फार्मासिस्ट संवर्ग के समस्त अधिकारी व कर्मचारी अनिश्चितकालीन के लिए हड़ताल करेंगे जिसमें इमरजेंसी सेवा भी शामिल होगी।

 

 

बरेली से अशोक गुप्ता की रिपोर्ट !

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: