बरेली! देश में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की धीमी प्रगति को लेकर गंभीर स्थिति सामने आई है।
बरेली! देश में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की धीमी प्रगति को लेकर गंभीर स्थिति सामने आई है। आंवला-बरेली से समाजवादी पार्टी के सांसद नीरज मौर्य द्वारा लोकसभा में पूछे गए सवाल के जवाब में सरकार ने स्वीकार किया है कि वर्ष 2014 के बाद शुरू की गई सैकड़ों राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं तय समय-सीमा में पूरी नहीं हो सकीं।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लिखित उत्तर में बताया कि 1 अप्रैल 2014 के बाद शुरू की गई कुल 653 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं निर्धारित समय से आगे निकल चुकी हैं। इनमें से उत्तर प्रदेश में ही 50 परियोजनाएं लंबित हैं।
सरकार के अनुसार, परियोजनाओं में देरी के प्रमुख कारणों में भूमि अधिग्रहण की अड़चनें, वैधानिक स्वीकृतियों में देरी, बिजली-पानी जैसी उपयोगिताओं का स्थानांतरण, अतिक्रमण हटाने की समस्याएं, ठेकेदारों की वित्तीय कमजोरी, कार्य निष्पादन में कमी और कोविड-19 जैसी आपदाएं शामिल हैं।
मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर और अंबेडकर नगर से होकर गुजरने वाली कुल नौ राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं फिलहाल निर्माणाधीन हैं, जिन्हें चरणबद्ध तरीके से वित्त वर्ष 2027-28 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
हालांकि सांसद नीरज मौर्य ने सरकार के जवाब पर सवाल उठाते हुए कहा कि परियोजनाओं में हो रही देरी से आम जनता पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर कोई ठोस जवाब नहीं दिया गया। मंत्रालय ने यह स्पष्ट नहीं किया कि इन क्षेत्रों में यातायात जाम, सड़क दुर्घटनाएं, व्यापारिक गतिविधियों पर असर और क्षेत्रीय विकास की रफ्तार पर इसका क्या प्रभाव पड़ा है।
इसके साथ ही एक और अहम तथ्य सामने आया कि एनएचएआई ने वर्ष 2015-16 से 2021-22 के बीच 3,74,121 करोड़ रुपये का कर्ज लिया है, लेकिन अधूरी परियोजनाओं के बीच इस बढ़ते कर्ज का भार अंततः किस पर पड़ेगा, इस पर सरकार ने स्थिति स्पष्ट नहीं की।
सांसद नीरज मौर्य का कहना है कि बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं में देरी अब अपवाद नहीं, बल्कि व्यवस्था की एक स्थायी कमजोरी बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं की लेटलतीफी की कीमत आखिरकार आम जनता को ही चुकानी पड़ती है। अब जरूरत है कि सरकार केवल कारण गिनाने के बजाय, देरी पर ठोस और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करे।
बरेली से रोहिताश कुमार भास्कर
