BA32: विमान में शव के साथ 13 घंटे

ब्रिटिश एयरवेज: विमान में महिला की मौत, शव के साथ यात्रियों ने बिताए 13 घंटे ✈️

उड़ान भरते ही हुई दुखद घटना

हांगकांग से लंदन जा रही ब्रिटिश एयरवेज की फ्लाइट BA32 (Airbus A350-1000) में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद एक 60 वर्षीय महिला यात्री का निधन हो गया। हालांकि, पायलटों ने विमान को वापस मोड़ने या इमरजेंसी लैंडिंग करने के बजाय हीथ्रो एयरपोर्ट तक का 13.5 घंटे का सफर जारी रखने का फैसला किया।

शव को गैली में रखा गया, दुर्गंध से यात्री परेशान 📉

विमान के भीतर प्रोटोकॉल के तहत क्रू मेंबर्स को शव को सुरक्षित स्थान पर रखना था:

  • शव का स्थान: क्रू ने पहले शव को टॉयलेट में रखने पर विचार किया, लेकिन अंततः उसे लपेटकर विमान के पिछले हिस्से यानी ‘गैली’ (जहाँ खाना रखा जाता है) में रख दिया गया।

  • तकनीकी चूक: कथित तौर पर गैली का फर्श गर्म था, जिसके कारण शव से दुर्गंध आने लगी। जैसे-जैसे विमान लंदन के करीब पहुँचा, केबिन के पिछले हिस्से में दुर्गंध फैल गई और 331 यात्रियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

  • इमरजेंसी का नियम: सूत्रों के अनुसार, विमानन नियमों में किसी यात्री की मृत्यु को ‘मेडिकल इमरजेंसी’ नहीं माना जाता, यदि मृत्यु पहले ही हो चुकी हो। यही कारण था कि विमान का रास्ता नहीं बदला गया।

लैंडिंग के बाद पुलिस की कार्रवाई 👮‍♂️

हीथ्रो एयरपोर्ट पर लैंडिंग के बाद पुलिस विमान में सवार हुई। सभी यात्रियों को लगभग 45 मिनट तक अपनी सीटों पर ही बैठे रहने का निर्देश दिया गया ताकि कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा किया जा सके। इस दौरान मृतक महिला का परिवार और क्रू मेंबर्स गहरे सदमे में नजर आए।

एयरलाइंस का आधिकारिक बयान

ब्रिटिश एयरवेज ने इस घटना पर दुख जताते हुए कहा, “दुख की बात है कि हमारे एक यात्री का निधन हो गया। हमारी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं। इस कठिन स्थिति में हमारे क्रू ने सभी निर्धारित प्रक्रियाओं का सही ढंग से पालन किया है।” एयरलाइंस ने अपने स्टाफ के व्यवहार और स्थिति को संभालने के तरीके का बचाव किया है।


मुख्य बिंदु:

  • फ्लाइट: BA32 (हांगकांग से लंदन)।

  • यात्री: 331 लोग और क्रू मेंबर्स।

  • विवाद: शव को गर्म गैली में रखने से फैली दुर्गंध।

  • नियम: उड़ान के दौरान मृत्यु होने पर विमान को डाइवर्ट करना अनिवार्य नहीं।


गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (आल राइट्स मैगज़ीन )


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