इस्तीफे के बाद बरेली में पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट का सरकार पर तीखा हमला, बोले— हक की आवाज़ दबेगी नहीं, दिल्ली कूच से हिल जाएगी सत्ता

बरेली में इस्तीफे के बाद पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट ने केंद्र सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार का आरोप पत्र हास्यास्पद है और अगर हक की बात करना गुनाह है तो यह जुर्म वह बार-बार करेंगे। उन्होंने कहा कि शेर को गीदड़ की भभकियों से डर नहीं लगता और एससी-एसटी एक्ट देश का सबसे बड़ा काला कानून है, जिसे केंद्र सरकार 7 फरवरी तक खत्म करे। उन्होंने नेताओं पर रीढ़विहीन होने का आरोप लगाते हुए कहा कि आका के फोन के बिना इन्हें जनता का दुख सुनाई नहीं देता। शंकराचार्य के अपमान को लेकर प्रशासन और कमिश्नर से सार्वजनिक माफी की मांग की गई।

यूजीसी नियमों से लेकर सनातन परंपरा पर हो रहे कथित हमलों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अब हर साजिश का अंत होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि जूतों की माला और कालिख का दौर शुरू हो चुका है और जनता के आक्रोश से सत्ता की नींव हिल जाएगी। देश में न जनतंत्र न गणतंत्र बल्कि ‘भ्रमतंत्र’ चलने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि 85 फीसदी जनता के आंसुओं का हिसाब होगा और दिल्ली कूच से असली हाहाकार मचेगा। यह लड़ाई भविष्य की नस्लों को बचाने की है और सनातनी परंपरा के अपमान पर अब चुप्पी नहीं साधी जाएगी।

गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (आल राइट्स मैगज़ीन )

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