उत्तर भारत को बड़ी सौगात- ‘इंडिया चिप’ सेमीकंडक्टर यूनिट का शिलान्यास, पीएम मोदी वर्चुअली जुड़े
गौतम बुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश।
भारत के तकनीकी और औद्योगिक विकास की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उत्तर भारत की पहली सेमीकंडक्टर यूनिट ‘इंडिया चिप’ का शिलान्यास किया। इस अवसर पर जनपद गौतम बुद्ध नगर में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत राज्य सरकार के मंत्री, जनप्रतिनिधि, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।
प्रधानमंत्री का संबोधन: आत्मनिर्भर भारत की ओर मजबूत कदम
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि सेमीकंडक्टर उद्योग 21वीं सदी की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। मोबाइल, ऑटोमोबाइल, डिफेंस, हेल्थ टेक्नोलॉजी और डिजिटल उपकरणों में चिप की बढ़ती मांग को देखते हुए भारत को इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ‘इंडिया चिप’ परियोजना भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में मजबूत स्थान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
प्रधानमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि केंद्र सरकार की नीतियों, प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना और निवेश अनुकूल वातावरण के कारण देश में बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण को बढ़ावा मिल रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का वक्तव्य
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे उत्तर प्रदेश के औद्योगिक इतिहास का स्वर्णिम अध्याय बताते हुए कहा कि प्रदेश अब केवल कृषि आधारित अर्थव्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटल उद्योगों का केंद्र बन रहा है। उन्होंने कहा कि गौतम बुद्ध नगर और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक क्षेत्र को विशेष रूप से विकसित किया जा रहा है ताकि वैश्विक कंपनियां निवेश के लिए आकर्षित हों।
मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार परियोजना के सुचारु संचालन के लिए आवश्यक भूमि, बिजली, जल, सुरक्षा और कुशल मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करेगी।
परियोजना से संभावित लाभ
‘इंडिया चिप’ सेमीकंडक्टर यूनिट से हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है। इससे स्थानीय युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण और उच्च गुणवत्ता वाली नौकरियों का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और स्टार्टअप सेक्टर को भी बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना से भारत की आयात पर निर्भरता घटेगी और विदेशी निवेश में भी वृद्धि होगी। यह पहल ‘मेक इन इंडिया’ और ‘डिजिटल इंडिया’ जैसे अभियानों को नई ऊर्जा प्रदान करेगी।
उत्तर प्रदेश बन रहा निवेश का हब
पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। एक्सप्रेसवे नेटवर्क, बेहतर कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर और उद्योग अनुकूल नीतियों के चलते प्रदेश तेजी से औद्योगिक मानचित्र पर उभर रहा है। ‘इंडिया चिप’ परियोजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।
ब्यूरो रिपोर्ट,
आल राइट्स मैगज़ीन
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