25वां संशोधन: क्या पद छोड़ेंगे ट्रंप?
ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध जैसी स्थिति और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया विवादित बयानों ने अमेरिका के सियासी गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। ट्रंप द्वारा ईरान के नागरिक बुनियादी ढांचे (Civilian Infrastructure) को निशाना बनाने की धमकी के बाद, कई डेमोक्रेटिक सांसद और आलोचक अब उन्हें पद से हटाने के लिए ’25वें संशोधन’ (25th Amendment) को लागू करने की मांग कर रहे हैं।
अमेरिकी राजनीति में इस समय क्या चल रहा है और यह 25वां संशोधन क्या है, इसे नीचे विस्तार से समझें:
📌 ताजा विवाद की वजह (अप्रैल 2026)
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धमकी भरा बयान: राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में ईरान को ‘नरक’ में बदलने और उसके पावर प्लांट्स व पुलों को नष्ट करने की धमकी दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर बेहद सख्त और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया, जिससे उनकी मानसिक स्थिति पर सवाल उठने लगे हैं।
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सांसदों की मांग: सीनेटर क्रिस मर्फी और प्रतिनिधि यासामिन अंसारी जैसे नेताओं का तर्क है कि ट्रंप की यह “पागलपन भरी” (Unhinged) बयानबाजी न केवल अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है, बल्कि अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी खतरा है।
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मानसिक स्वास्थ्य पर सवाल: कुछ सांसदों ने खुले तौर पर ट्रंप को “विक्षिप्त” (Deranged) करार देते हुए कैबिनेट से 25वें संशोधन की धारा 4 का उपयोग करने की अपील की है।
क्या है अमेरिकी संविधान का 25वां संशोधन?
यह संशोधन 1967 में राष्ट्रपति जॉन एफ. कैनेडी की हत्या के बाद लाया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यदि राष्ट्रपति अपना काम करने में असमर्थ हो, तो सत्ता का हस्तांतरण सुचारू रूप से कैसे हो। इसमें कुल चार धाराएं हैं:
| धारा | प्रावधान |
| धारा 1 | यदि राष्ट्रपति की मृत्यु होती है, वे इस्तीफा देते हैं या हटाए जाते हैं, तो उपराष्ट्रपति राष्ट्रपति बन जाएगा। |
| धारा 2 | उपराष्ट्रपति का पद खाली होने पर राष्ट्रपति नया नाम प्रस्तावित करेगा, जिसे कांग्रेस (संसद) की मंजूरी चाहिए होगी। |
| धारा 3 | राष्ट्रपति स्वयं लिखकर दे सकते हैं कि वे अस्थायी रूप से काम करने में असमर्थ हैं (जैसे सर्जरी के दौरान)। |
| धारा 4 | सबसे विवादित: यदि उपराष्ट्रपति और कैबिनेट का बहुमत यह मानता है कि राष्ट्रपति शारीरिक या मानसिक रूप से “अक्षम” है, तो वे उसे पद से हटा सकते हैं। |
कैसे काम करती है धारा-4? (प्रक्रिया)
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घोषणा: उपराष्ट्रपति और कैबिनेट के अधिकांश सदस्य संसद (स्पीकर और सीनेट अध्यक्ष) को लिखित में देंगे कि राष्ट्रपति अपने कर्तव्यों का पालन करने में असमर्थ है।
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सत्ता का हस्तांतरण: इसके तुरंत बाद उपराष्ट्रपति ‘कार्यवाहक राष्ट्रपति’ बन जाता है।
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राष्ट्रपति का जवाब: यदि राष्ट्रपति इसका विरोध करता है और कहता है कि वह फिट है, तो मामला संसद (Congress) में जाता है।
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संसद का फैसला: राष्ट्रपति को स्थायी रूप से हटाने के लिए संसद के दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होती है।
क्या ट्रंप को वास्तव में हटाया जा सकता है?
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप को 25वें संशोधन के जरिए हटाना बेहद मुश्किल है क्योंकि:
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कैबिनेट का समर्थन: इसके लिए उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस और ट्रंप की अपनी कैबिनेट की सहमति जरूरी है, जो फिलहाल ट्रंप के प्रति वफादार दिखते हैं।
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राजनीतिक इच्छाशक्ति: अमेरिका के इतिहास में कभी भी धारा-4 का उपयोग किसी राष्ट्रपति को उसकी इच्छा के विरुद्ध हटाने के लिए नहीं किया गया है।
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अक्षम बनाम कदाचार: कानूनविदों के अनुसार, यह संशोधन किसी राष्ट्रपति को उसके खराब आचरण (Misconduct) के लिए नहीं, बल्कि केवल शारीरिक या मानसिक अक्षमता के लिए है।
वर्तमान में, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और ट्रंप के “अंतिम अल्टीमेटम” ने दुनिया भर की नजरें व्हाइट हाउस पर टिका दी हैं।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

