विधवा पेंशन घोटाले की एसआईटी जांच शुरू
Allrights संवाददाता(रोहिताश कुमार)बरेली: विधवा पेंशन घोटाला: 1.23 करोड़ रुपये की धांधली की जांच अब एसआईटी के हाथों, डीएम ने एसडीएम की रिपोर्ट ठुकराई!
बरेली। आंवला तहसील क्षेत्र में सामने आए करोड़ों के विधवा पेंशन घोटाले की जांच अब पुलिस की एसआईटी (Special Investigation Team) करेगी। जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने एसडीएम विदुषी सिंह की रिपोर्ट को अधूरी बताते हुए पूरा मामला एसएसपी को सौंप दिया है। डीएम ने निर्देश दिए हैं कि मामले की गहराई से जांच कर सभी दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
56 सुहागिनों को मिली विधवा पेंशन, 1.23 करोड़ की रकम खातों में भेजी गई
चार नवंबर को उजागर हुए इस घोटाले में चौकाने वाला खुलासा हुआ था।
➡ 56 सुहागिनों के नाम पर विधवा पेंशन
➡ दो अपात्र लोगों को वृद्धावस्था पेंशन
➡ कुल 1.23 करोड़ रुपये की किस्तें खातों में भेजने के प्रमाण मिले हैं।
योजना के नाम पर यह रकम विभागीय स्तर से जारी की गई, जिससे पूरे प्रशासनिक ढांचे पर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
चार बिचौलिए गिरफ्तार, कई अहम तथ्य गायब
घोटाले का खुलासा होते ही पुलिस अब तक चार बिचौलियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
एसडीएम विदुषी सिंह ने पिछले सप्ताह अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंपी, लेकिन—
सत्यापनकर्ताओं के नाम नहीं मिल पाए
बीडीओ और जिला प्रोबेशन अधिकारी ने सहयोग नहीं किया
इस कारण रिपोर्ट को अपूर्ण मानते हुए डीएम ने पुलिस को जांच सौंपने का निर्णय लिया।
फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र भी बने, अफसरों की भूमिका पर सवाल
एसडीएम की रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि कई लाभार्थियों के लिए फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाए गए, जिनमें शामिल बिचौलिए चिन्हित किए गए हैं।
डीएम ने कहा कि कमिश्नर के निर्देश पर पहले भी पेंशन से जुड़े मामलों में कार्रवाई हुई है। अब आंवला तहसील घोटाले में विस्तृत जांच के लिए एसएसपी को एसआईटी गठित करने के निर्देश दे दिए गए हैं।
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