बरेली। महात्मा ज्योतिबा फूले रोहिलखंड विश्वविद्यालय का 51वां स्थापना दिवस इस वर्ष उपलब्धियों, नवाचार और युवा ऊर्जा के संगम के रूप में मनाया गया।
बरेली। महात्मा ज्योतिबा फूले रोहिलखंड विश्वविद्यालय का 51वां स्थापना दिवस इस वर्ष उपलब्धियों, नवाचार और युवा ऊर्जा के संगम के रूप में मनाया गया। समारोह की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
विश्वविद्यालय के सांस्कृतिक केंद्र के विद्यार्थियों ने ईश वंदना, देशभक्ति आधारित नृत्य और भारतीय परंपरा पर आधारित रैंप वॉक प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रस्तुतियों ने यह साबित किया कि विश्वविद्यालय शिक्षा के साथ-साथ कला और रचनात्मकता को भी समान महत्व देता है।
‘डिग्री नहीं, दिशा जरूरी’
मुख्य अतिथि राजेश कुमार पाठक ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज की शिक्षा केवल प्रमाण पत्र हासिल करने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। युवाओं को नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनने की सोच विकसित करनी होगी। उन्होंने छात्रों से स्टार्टअप योजनाओं का लाभ उठाने और आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाने का आह्वान किया।
मुख्य वक्ता प्रो. शेखर कश्यप ने युवाओं से विवेकपूर्ण निर्णय लेने की सीख दी। वहीं प्रो. शालिनी सिंह ने अनुशासन और संयम को सफलता की आधारशिला बताया।
मेधावियों का सम्मान, बढ़ाया हौसला
समारोह का सबसे भावुक और प्रेरक क्षण तब आया, जब मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। अंसारी फरीदा, हर्ष सैनी, आकांक्षा, चरणजीत और गुलसमन नईम अंसारी को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया।
संजना सिंह को विवेकानंद युवा पुरस्कार प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त उत्कृष्ट शोध कार्य और विश्वविद्यालय सेवा में योगदान देने वाले शिक्षकों व कर्मचारियों को भी सम्मानित किया गया।
स्टार्टअप और सामाजिक सरोकार पर जोर
कुलपति ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में बताया कि विश्वविद्यालय का इनक्यूबेशन सेंटर लगभग 100 स्टार्टअप पर कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय ने पांच गांव गोद लेकर सामाजिक दायित्व निभाने का संकल्प लिया है। आंगनवाड़ी और नारी निकेतन केंद्रों के सहयोग के माध्यम से समाज से जुड़ाव को और मजबूत किया जा रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय की प्राथमिकता अकादमिक उत्कृष्टता, नवाचार और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी है।
रिपोर्ट: रोहिताश कुमार भास्कर,
बरेली,
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (आल राइट्स मैगज़ीन )
