ग्राम प्रधान–सचिव पर मुकदमा, वसूली शुरू

 

कानपुर: ग्राम पंचायत में बड़ा घोटाला उजागर, प्रधान–सचिव पर मुकदमा, 15 अधिकारियों से वसूली के आदेश

कानपुर देहात के बिल्हौर क्षेत्र की सैबसू ग्राम पंचायत में करोड़ों के मनरेगा घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। सरकारी धन के दुरुपयोग और कागजों में ही काम दिखाकर फर्जी भुगतान करने के आरोप सही पाए गए हैं। मामले की गंभीरता देखते हुए ग्राम प्रधान, सचिव और तकनीकी सहायक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है, जबकि 15 अधिकारियों-कर्मचारियों से चरणबद्ध वसूली की तैयारी है।

ग्रामिणों की शिकायत पर सामने आया घोटाला

सैबसू निवासी राहुल तिवारी की शिकायत पर मनरेगा लोकपाल दिनेश कुमार ने जांच शुरू की थी। आरोप था कि चकरोड निर्माण, नाली निर्माण और तालाब खुदाई का काम सिर्फ कागजों में दिखाकर पैसा निकाला गया।

लोकपाल की रिपोर्ट में अनियमितताएं सामने आने पर जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की, जिसमें—

परियोजना निदेशक, डीआरडीए
अधिशासी अभियंता, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग
सहायक अभियंता, लघु सिंचाई

को शामिल किया गया।

20.58 लाख के घोटाले की पुष्टि

समिति की रिपोर्ट में ₹20,58,614 की सरकारी धनराशि के गबन की पुष्टि हुई। रिपोर्ट मिलते ही मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन ने आरोपितों पर कठोर कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए।

प्रधान–सचिव सहित तीन पर FIR, 15 पर दंड

सीडीओ ने आदेश दिया कि ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव और तकनीकी सहायक पर **प्राथमिकी (FIR)** दर्ज कराई जाए और पूरी धनराशि तत्काल वसूल की जाए।
इसके अलावा मनरेगा अधिनियम 2005 की धारा 25 के तहत **लापरवाही बरतने वाले 15 अधिकारियों पर ₹3,08,000 का अर्थदंड** लगाया गया है।

कितनी-कितनी धनराशि होगी वसूल — यहां देखें पूरा ब्योरा

| नाम | पद | वसूली की राशि (₹) |
| ———————- | ————————– | —————– |
| विमलेश कुमार | ग्राम प्रधान | 6,86,205 |
| संदीप ज्ञानवीर | तत्कालीन ग्राम सचिव | 69,596 |
| शिवपाल | ग्राम पंचायत अधिकारी | 4,99,385 |
| रोहन कनौजिया| ग्राम विकास अधिकारी | 1,78,824 |
| इन्द्र कुमार | तकनीकी सहायक | 69,596 |
| प्रमोद कुमार | तकनीकी सहायक | 6,78,209 |
| शिवनारायण कश्यप | तत्कालीन खंड विकास अधिकारी | 37,000 |
| आशीष मिश्र | तत्कालीन खंड विकास अधिकारी | 14,600 |
| बलराम | तत्कालीन खंड विकास अधिकारी | 13,000 |
| शिशिर कुमार | अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी | 9,000 |
| दीप सिंह| अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी | 34,400|
| प्रीति अग्निहोत्री | अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी | 20,200 |
| देवेन्द्र शर्मा | लेखाकार | 62,600 |
| प्रदीप तिवारी | लेखा सहायक | 1,000 |
| ललित कुमार | कंप्यूटर ऑपरेटर | 1,000 |

भ्रष्टाचार में किसी को नहीं छोड़ा जाएगा” — CDO

मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन ने बताया—

घोटाले में संलिप्त पाए गए प्रत्येक व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। न तो किसी को बचाया जाएगा, न ही राहत दी जाएगी। सरकारी धन की एक-एक पाई की वसूली कराई जाएगी।”

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