कचहरी कांड पर वकीलों का उग्र प्रदर्शन!
Allrights संवाददाता(रोहिताश कुमार)बरेली:- कचहरी कांड में पुलिस पर बरसे वकील, सड़कों पर उतारकर किया जोरदार प्रदर्शन, निष्पक्ष जांच की मांग
बरेली कचहरी कांड में कोतवाली पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ अधिवक्ताओं का गुस्सा शुक्रवार को फूट पड़ा। दोपहर बाद बड़ी संख्या में वकील सड़कों पर उतर आए और नारेबाजी करते हुए जुलूस की शक्ल में डीआईजी ऑफिसकी ओर कूच किया। हाथों में बैनर–पोस्टर लेकर वकीलों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर विरोध दर्ज कराया।
18 नवंबर की घटना पर फूटा गुस्सा
अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि 18 नवंबर को बार एसोसिएशन की पार्किंग में उनके ऊपर **जानलेवा हमला** हुआ था। इसके बावजूद पुलिस ने उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया।
वकीलों का कहना है कि—
FIR में धारा 307 और एससी/एसटी एक्ट लगी हुई है,
लेकिन अंदरखाने आरोपियों को बचाने के लिए सिर्फ धारा 151 में चालान भेज दिया गया,
जो उनके साथ खुला अन्याय है।
पुलिस पर अमानवीय व्यवहार का आरोप
अधिवक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद पुलिस ने उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया।
बार-बार शिकायत के बावजूद न तो सख्त कार्रवाई हुई, न ही उनकी बात सुनी गई, जिससे वकीलों में भारी रोष है।
डीआईजी से मुलाकात, निष्पक्ष जांच की मांग
विरोध प्रदर्शन के दौरान वकीलों का प्रतिनिधिमंडल डीआईजी अजय कुमार साहनी से मिला।
अधिवक्ताओं ने मांग की कि—
मामले की विवेचना किसी दूसरी इकाई को सौंपी जाए
ताकि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी हो सके।
डीआईजी ने शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद अधिवक्ताओं ने फिलहाल अपना आंदोलन स्थगित कर दिया।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
वकीलों ने साफ चेतावनी दी कि यदि समय पर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई या पुलिस ने ढिलाई बरती, तो वे—
दोबारा बड़े पैमाने पर आंदोलन शुरू करेंगे,
सड़कों पर उतरकर जाम लगाएंगे,
और जोरदार विरोध प्रदर्शन करेंगे।
कई अधिवक्ता रहे शामिल
प्रदर्शन में मनोज कुमार हरित, दीपक पांडे, रोहित यादव सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
फिलहाल विरोध थमा जरूर है, लेकिन अधिवक्ताओं के बीच पुलिस के प्रति नाराजगी गहराई तक बनी हुई है।
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