ईडी ने थुंचत ज्वैलर्स की ₹20.4 करोड़ की संपत्ति कुर्क की!
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), कोझिकोड उप-क्षेत्रीय कार्यालय ने मेसर्स थुचथ ज्वैलर्स और अन्य के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत दर्ज धोखाधड़ी के एक मामले में 06.11.2025 को 20.4 करोड़ रुपये (लगभग) मूल्य की संपत्ति अस्थायी रूप से कुर्क की है। कुर्क की गई संपत्तियों में आरोपी व्यक्तियों की केरल और कर्नाटक में स्थित विभिन्न अचल संपत्तियां शामिल हैं।

पीएमएलए, 2002 के तहत जाँच के दौरान यह पता चला है कि मेसर्स एक्म्प्लिश मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड की एक इकाई, थुंचत ज्वैलर्स, जो रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज, कोचीन में पंजीकृत है, ने वर्ष 2012 में तिरूर में अपना व्यवसाय शुरू किया था। इसमें 15 निदेशक थे और एम जयचंद्रन प्रबंध निदेशक थे। मेसर्स थुंचत ज्वैलर्स ने विभिन्न मासिक निवेश योजनाएँ शुरू कीं और विभिन्न निवेशकों से निवेश एकत्र किए। कंपनी के प्रबंध निदेशक जयचंद्रन ने अन्य लोगों के साथ मिलकर निवेश हड़प लिया और वर्ष 2017 के दौरान फरार हो गए। तदनुसार, निवेशकों ने पुलिस अधिकारियों के समक्ष लगभग 70 एफआईआर दर्ज कराईं। जाँच के दौरान, विभिन्न शिकायतकर्ताओं और अभियुक्तों के बयान PMLA 2002 के तहत दर्ज किए गए और मेसर्स एक्म्प्लिश मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड और अन्य के खिलाफ दायर एफआईआर/आरोपपत्रों की जाँच की गई, जिससे पता चला कि अभियुक्तों ने विभिन्न निवेशकों के साथ धोखाधड़ी की है, जो कि इस मामले में अर्जित अपराध की आय (POC) है। जाँच के दौरान यह पता चला कि जयचंद्रन एम ने अन्य अभियुक्तों के साथ मिलकर दुर्भावनापूर्ण इरादे से और भी कंपनियाँ बनाईं, जैसे 1) मेसर्स थुंचत गोल्ड एलएलपी, 2) मेसर्स एक्म्प्लिश गोल्ड प्राइवेट लिमिटेड, 3) थुंचत टूर एंड ट्रैवल्स प्राइवेट लिमिटेड, और 4) मेसर्स थुचत चिट्स प्राइवेट लिमिटेड, ताकि आम जनता से एकत्रित धन का गबन किया जा सके। POC का उपयोग अभियुक्तों और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर अचल संपत्तियाँ खरीदने में किया गया।
Further investigation is under progress.
