ईडी की बड़ी कार्रवाई — मोनाड विश्वविद्यालय पर 15 जगह छापे, नकली डिग्री रैकेट की जांच तेज!
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), लखनऊ क्षेत्रीय कार्यालय ने मोनाड विश्वविद्यालय के खिलाफ चल रही जांच के संबंध में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत 06/11/2025 को उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा में 15 स्थानों पर तलाशी
अभियान चलाया। नकली डिग्री घोटाले के संबंध में मोनाड विश्वविद्यालय के खिलाफ चल रही जांच के संबंध में। उत्तर प्रदेश एसटीएफ द्वारा 18.05.2025 को मोनाड विश्वविद्यालय में छापेमारी की गई थी, इस विशेष सूचना के आधार पर यह मामला दर्ज किया गया था। छापेमारी के दौरान, बड़ी संख्या में जाली और नकली शैक्षणिक दस्तावेज बरामद किए गए, जिनमें मार्कशीट, डिग्रियां, प्रोविजनल सर्टिफिकेट और माइग्रेशन सर्टिफिकेट शामिल हैं, जो सभी कथित तौर पर मोनाड विश्वविद्यालय, पिलखुआ, हापुड़ द्वारा जारी किए गए थे। आरोपियों ने एक निश्चित अवधि में ऐसे हजारों दस्तावेजों की जालसाजी की और उनकी बिक्री से भारी अवैध आय अर्जित की। दस आरोपी व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया, जिसके परिणामस्वरूप 18.05.2025 को एफआईआर संख्या 290 थाना-पिलखुआ, जिला-हापुड़, उत्तर प्रदेश में दर्ज की गई। उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने पाया कि विजेंद्र सिंह उर्फ विजेंद्र सिंह हुड्डा इस संगठित रैकेट का मास्टरमाइंड और सरगना है। वह मोनाड विश्वविद्यालय का कुलाधिपति और नियंत्रक अधिकारी है और विश्वविद्यालय के नेटवर्क के माध्यम से जाली शैक्षणिक दस्तावेजों को तैयार करने और जारी करने में मदद करता था। वह सरस्वती मेडिकल कॉलेज, उन्नाव का सचिव भी है। इसके बाद, यूपी एसटीएफ ने सीजेएम कोर्ट, हापुड़, उत्तर प्रदेश के समक्ष 11 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र संख्या 01 दिनांक 11.08.2025 दायर किया।
पीएमएलए, 2002 की धारा 17 के तहत की गई तलाशी के दौरान, कई आपत्तिजनक दस्तावेज, 43 लाख रुपये की नकदी और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए।
आगे की जांच जारी है।
