पीएम ने ग्लोबल वॉर्मिंग को दुनिया के सामने सबसे बड़ी चुनौती बताया

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) की सालाना बैठक को संबोधित किया।

इस बैठक में पीएम मोदी अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने भारत का इकोनॉमिक विजन पेश किया।

पीएम ने न्यू इंडिया की तस्वीर दुनिया के सामने रखी। मोदी ने कहा कि 1997 में जब देवगौड़ा आए थे तो उस वक्त देश की अर्थव्यवस्था महज 400 बिलियन डॉलर थी। पीएम ने ग्लोबल वॉर्मिंग को दुनिया के सामने सबसे बड़ी चुनौती बताया।

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– मोदी ने कहा कि दूसरी सबसे बड़ी चुनौती विश्व के सामने आतंकवाद है। आतंकवाद जितना खतरनाक है उससे भी ज्यादा खतरनाक है अच्छे आतंकवाद और बुरे आतंकवाद के बीच बनाया गया अंतर।

– उन्होंने तीसरी सबसे बड़ी चुनौती आत्मकेंद्रण को बताया। उन्होंने कहा कि बहुत से देश आत्मकेंद्रित होते जा रहे हैं। ग्लोबलाइजेशन के विपरीत ऐसा हो रहा है। इसे क्लाइमेट चेंज और आतंकवाद के खतरे से कम नहीं मान सकते। हमें इस बात को स्वीकार करना होगा कि ग्लोबलाइजेशन की चमक धीरे-धीरे कम होती जा रही है। यूएन के आदर्श अभी भी सर्वमान्य है, लेकिन फिर भी देश आत्मकेंद्रित हो रहे हैं।

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2000 कंपनियों के CEOs ले रहे हिस्सा:
दावोस-2018 में डब्ल्यूटीओ, विश्व बैंक, आईएमएफ समेत 38 संगठनों के प्रमुख शामिल हो रहे हैं. 2,000 कंपनियों के सीईओ भी इस समिट में हिस्सा ले रहे हैं.
मीटिंग में 400 सेशन होंगे. इसमें 70 देशों के प्रमुखों समेत 350 नेता हिस्सा लेंगे.
दावोस में पहली बार योग सत्र का आयोजन हो रहा है. इसमें योग गुरु बाबा रामदेव के दो शिष्य योग सिखाएंगे.
एक सेशन को आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन भी संबोधित करेंगे.
पाक पीएम शाहिद खाकान अब्बासी, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी हिस्सा लेंगे.

भारत की खास मेहमाननवाजी:
– शाहरुख खान भी दावोस पहुंचे. उन्होंने वुमन एम्पावरमेंट सेशन में स्पीच दी शाहरुख, एक्ट्रेस केट ब्लैंचेट और ब्रिटिश सिंगर एल्टन जॉन को 24वां क्रिस्टल अवॉर्ड दिया गया.
– वहीं, मोदी 3 कार्यक्रमों में दुनिया के नेताओं, बिजनेसमैन को भारत की ओर से भोज देंगे.
– ताज होटल से 32 शेफ दावोस गए हैं. वे 1000 किलो मसाले ले गए हैं. 1200 लोगों के लिए शाकाहारी खाना बनाएंगे.

– मोदी ने स्पीच की शुरुआत नमस्कार से की। उन्होंने कहा 1997 में भारत का जीडीपी 400 बिलियन डॉलर से कुछ अधिक था। दो दशकों के बाद यह लगभग 6 गुना हो चुका है। उस वर्ष इस फोरम का विषय था, बिल्डिंग द नेवरहुड सोसायटी।

– इससे पहले उन्होंने मंगलवार को दावोस में टॉप कंपनियों के सीईओ से मुलाकात की। टॉप ग्लोबल कंपनियों के करीब 40 सीईओ के साथ पीएम मोदी ने राउंड टेबल बैठक की और उन्हें भारत में मौजूद व्यापार के अवसरों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने सभी सीईओ को बताया कि भारत का मतलब बिजनेस है। इसके साथ ही उन्होंने भारत के विकास की कहानी भी बताई।

– केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में पीएम मोदी की मौजूदगी पूरी दुनिया को यह संदेश दे रही है कि भारत अब बिजनेस के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, ‘हम सब लोग ‘न्यू इंडिया 2022′ के लिए काम कर रहे हैं और इस बैठक में इसी के बारे में पूरी दुनिया को जानकारी दी जाएगी।

– आंध्र प्रदेश के मंत्री नारा लोकेश भी इस फोरम में पहुंचे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों के विकास के लिए तकनीक जरूरी है। उन्होंने कहा, ‘तकनीक की मदद से हम जल्दी विकास करेंगे और गरीबी को दूर कर सकेंगे और यही हमारा मकसद है।’ आचार्य स्मिथ और आचार्य भारद्वाज दावोस में योगा सेशन करेंगे। उनका कहना है कि योगा को ऐसा प्लेटफॉर्म मिलना बहुत ही अच्छी बात है।

– आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने कहा, ‘इस बार का वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम इंडिया का वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम है। पीएम दावोस में इंडिया का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, यह बहुत अच्छी बात है।’

– विश्व आर्थिक मंच की बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे पीएम मोदी ने सोमवार को स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति एलेन बर्सेट से भी मुलाकात की। दोनों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने के तरीकों पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी। उन्होंने लिखा, ‘दावोस पहुंचने पर मैंने स्विस कन्फेडरेशन के राष्ट्रपति एलेन बर्सेट से बातचीत की। हमने द्विपक्षीय सहयोग की संभावनाओं की समीक्षा की तथा इसे और मजबूत बनाने पर चर्चा की।’

– स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति ने भी पीएम मोदी का आभार जताते हुए कहा कि वह भारत के साथ संबंधों को मजबूत करना जारी रखेंगे। इसके अलावा नरेंद्र मोदी स्वीडन के प्रधानमंत्री स्टीफन लोफवेन के साथ भी बैठक करेंगे।

– रवीश कुमार ने बर्सेट और पीएम मोदी की मुलाकात को लेकर ट्वीट भी किया। उन्होंने कहा कि ‘पीएम मोदी ने बर्फबारी के बीच स्विस राष्ट्रपति एलेन बर्सेट से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच लोकतंत्र और विविधता के साझा मूल्यों पर बने द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने के कदमों पर रचनात्मक बातचीत हुई।’

– दावोस के लिए रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने कहा था कि भारत का अन्य देशों के साथ संबंधों का हालिया वर्षों में विस्तार हुआ है। उन्होंने कहा था, ‘‘दावोस में, मैं अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ भारत के भविष्य के संबंध के लिए अपने विजन को साझा करने की आशा करता हूं।’’

– वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की 48वीं सालाना बैठक में राजनीति, कारोबार, कला, अकादमिक और सिविल सोसायटी से विश्व के 3,000 से भी अधिक नेता भाग ले रहे हैं। इसमें भारत से 130 से भी अधिक लोग भाग ले रहे हैं।

– वर्ष 1997 में एच डी देवगौडा की यात्रा के बाद करीब 20 वर्षों में दावोस बैठक में शामिल होने वाले मोदी पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं।

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