महबूबा ने कहा- हमारी सेना सबसे ज्यादा अनुशासित, J&K में AFSPA का किया समर्थन

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जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने राज्य में सेना और सुरक्षा बलों को विशेषाधिकार देने वाले आर्म्ड फोर्स स्पेशल पावर एक्ट को राज्य के मौजूदा हालात को देखते हुए, (AFSPA) हटाने से इनकार कर दिया है।इसके साथ ही सेना की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि हमारी सेना पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा अनुशासित है।
मुख्यमंत्री ने विधान सभा में बयान देते हुए शोपियां मामले में सेना की गोलीबारी में तीन लोगों की मौत के बाद दर्ज हुई एफआइआर को सही ठहराया, और कहा कि इसके जवाब में कोई काउंटर एफआइआर नहीं हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की एफआइआर के बाद सेना ने सिर्फ अपना पक्ष रखा है। मौतों के मामले में जांच जारी है। कोई कार्रवाई करने से पहले हमारे लिए दोनों का पक्ष जानना जरूरी है।

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सदन में सीपीएम के लीडर मोहम्मद यूसुफ तरिगामी ने AFSPA हटाने का मुद्दा उठाया तो मुख्यमंत्री ने कहा, “क्या ऐसे हालात में AFSPA हटाया जा सकता है? क्या यह सही है?”
इसके आगे महबूबा ने कहा, “इंडियन आर्मी दुनिया की सबसे अनुशासित सेना है। वह सुरक्षा के हालात बेहतर बनाने में लगी है……और’सेना की वजह से ही हम यहां’ है… उसने बड़ी शहादत दी है।”  यही नही, महबूबा ने सदन को ये भी बताया कि अगर राज्य में दहशतगर्दी और पत्थरबाजी की घटनाएं बढ़ेगी तो , इसके साथ ही सेना की तैनाती में भी इज़ाफा किया जाएगा ।

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क्या है अफस्पा (AFSPA)
आर्म्ड फोर्स स्पेशल पावर एक्ट (AFSPA) उपद्रव से घिरे नॉर्थ-ईस्ट में सेना को कार्रवाई में मदद के लिए 11 सितंबर 1958 को पारित किया गया था। इसके बाद जब 1989 में जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद ने सिर उठाया तब 1990 में इसे वहां भी लागू किया गया। अफस्पा कानून तभी लगाया जाता है, जब संबंधित राज्य की सरकार इलाके को अशांत घोषित कर देती है। कॉन्स्टीट्यूशन में अशांत क्षेत्र कानून यानी डिस्टर्बड एरिया एक्ट (Disturbed Area Act) मौजूद है, जिसके अंतर्गत किसी क्षेत्र को अशांत घोषित किया जाता है। जिस क्षेत्र को अशांत घोषित कर दिया जाता है। वहीं पर ही अफस्पा कानून लगाया जाता है, और इस कानून के लागू होने के बाद ही वहां सेना या सशस्त्र बल भेजे जाते हैं।

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देश में कहां-कहां लगा है अफस्पा

आपको बता दें कि इस कानून को लागू करने का फैसला या राज्य में सेना भेजने का फैसला केन्द्र सरकार को नहीं, बल्कि राज्य सरकार को करना पड़ता है, और अगर राज्य की सरकार यह ऐलान कर दे की अब राज्य में शांति है । तो यह कानून अपने आप ही वापस हो जाता है। जिसके बाद सेना स्थिति देख वापस अपने बैरकों में चली जाती है।
ऐसा नहीं है कि देश में सिर्फ कश्मीर में ही यह कानून लागू है। इसके य अलावा असम, नागालैंड, मणिपुर तथा मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय में भी अफस्पा लागू है।

 

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