BJP नेताओं को झटका, वुजूर्ग नेताओं को टिकट नहीं देगी बीजेपी

लोकसभा चुनावों के लिए कमर कस चुकी भारतीय जनता पार्टी ने जहां विभिन्न राज्यों में संगठन को चुस्त-दुरुस्त करना शुरू कर दिया है वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पार्टी के सांसदों और केंद्रीय मंत्रियों के कामकाज पर गहरी निगाह रखे हुए हैं। प्रधानमंत्री ने हाल ही में अपने नमो एप पर सांसदों के कामकाज पर जनता की राय मांगी थी। बताया जा रहा है कि बड़ी संख्या में लोगों ने अपने अपने क्षेत्र के सांसदों के बारे में राय जाहिर की है और अब लोकसभा चुनावों के लिए उम्मीदवारों का चयन करते हुए जनता की राय पर भी गौर किया जायेगा।

भाजपा ने हालांकि अभी उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रया शुरू नहीं की है लेकिन पार्टी सूत्रों ने कहा कि एक फार्मूला जरूर करीब करीब तय हो गया है कि 75 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को टिकट नहीं दिया जायेगा। यदि ऐसा होता है तो पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, डॉ. मुरली मनोहर जोशी, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, पूर्व केंद्रीय मंत्री शांता कुमार, करिया मुंडा, कलराज मिश्र, हुकुम देव नारायण यादव, भुवन चंद्र खंडूरी आदि नेता लोकसभा चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। इस प्रकार की भी खबरें हैं कि लोकसभा चुनावों से ठीक पहले इनमें से कुछ नेताओं को राज्यपाल का पद दिया जा सकता है।

पार्टी की योजना अपने क्षेत्रों में नाम कमा चुके कुछ प्रोफेशनल्स को भी चुनाव मैदान में उतारने की है क्योंकि प्रधानमंत्री का शायद ऐसा मानना है कि यह लोग सरकार में ज्यादा सकारात्मक योगदान दे सकते हैं। हाल ही में सरकार ने प्रशासनिक सुधार आयोग की सिफारिश मानते हुए कुछ मंत्रालयों में संयुक्त सचिव स्तर की नियुक्ति निजी क्षेत्र के लिए खोली थी।

 

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