सत्‍ता से बेदखल होने वाली नीतीश की छठी मंत्री बनीं मंजू वर्मा, इन्‍होंने भी दिया था इस्‍तीफा

पटना : मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड में समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा के पति चंदेश्वर वर्मा के नाम आने के बाद मंजू की छुट्टी तय मानी जा रही थी। 2005 से अबतक नीतीश कुमार की सरकार में छठी ऐसी घटना है, जब किसी मंत्री की यात्रा अधूरी रह गई। मंजू के पहले भी पांच मंत्रियों ने सरकार के दबाव के आगे या तो इस्तीफा दे दिया था या बर्खास्त कर दिए गए थे।

नीतीश के इस्‍तीफा देने वाले पहले मंत्री थे मांझी

शुरुआत 2005 में राजग की पहली सरकार में जीतनराम मांझी से हुई थी, जिन्हें मंत्री बनने के महज चार घंटे के भीतर इस्तीफा देना पड़ गया था। उसके बाद जमशेद अशरफ, रामानंद सिंह, रामाधार सिंह और अवधेश कुशवाहा भी अलग-अलग मामलों में सत्ता से बेदखल होते गए।

मंजू के पास इस्‍तीफा या बर्खास्‍तगी के थे विकल्‍प

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सियासी शुचिता और सरकार चलाने की शिल्प-शैली को देखते हुए मंजू वर्मा के पास भी दो ही विकल्प थे, इस्तीफा या बर्खास्तगी। मंजू के बार-बार इस्तीफा देने से इनकार करने के कारण राज्य सरकार पर चारों तरफ से दबाव पड़ रहा था।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव समेत विपक्ष के कई बड़े नेताओं ने दिल्ली में जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन करके नीतीश सरकार पर हमले तेज कर दिए थे। सरकार के सामने इसलिए भी असहज स्थिति पैदा हो रही थी कि पिछले साल जुलाई महीने में राजद प्रमुख लालू प्रसाद के सरकारी आवास समेत विभिन्न ठिकानों पर सीबीआइ छापेमारी के बाद तत्कालीन उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पर सत्तारूढ़ दल जदयू के प्रवक्ताओं ने इस्तीफे का दबाव बढ़ा दिया था।

लालू प्रसाद की चुप्पी से नाउम्मीद जदयू को महागठबंधन से नाता तक तोडऩा पड़ा था। इसे आधार बनाकर विपक्ष मंजू वर्मा के मामले में भी लगातार हमलावर हो रहा था।

किसकी कब छुट्टी और कारण मंत्री : तिथि : आरोप
– समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा : 8 अगस्त 2018 : मुजफ्फरपुर कांड में पति की संलिप्तता

– निबंधन और उत्पाद मंत्री अवधेश कुशवाहा : 12 अक्टूबर 2015 : चार लाख रुपये रिश्वत लेते स्टिंग

– सहकारिता मंत्री रामाधार सिंह : मई 2011 : भड़काऊ भाषण देने के मामले में अदालत से समन

– उत्पाद एवं मद्य निषेध मंत्री जमशेद अशरफ : 18 फरवरी 2010

– परिवहन मंत्री रामानंद सिंह : मार्च 2009 : घपले के एक पुराने मामले में विजिलेंस जांच

– मंत्री जीतनराम मांझी : नवंबर 2005 : राजद सरकार में 1990 में शिक्षा में भ्रष्टाचार का आरोप

राजेश कुमार के साथ सोनू मिश्रा की रिपोर्ट ,पटना (बिहार)

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