दिल्ली के ‘बॉस’ सीएम या एलजी..?

थोड़ी देर बाद तय हो जाएगा कि दिल्ली का बॉस कौन है उपराज्यपाल या मुख्यमंत्री?सुप्रीम कोर्ट की पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ तय करेगी कि दिल्ली का बॉस कौन है। आखिर दिल्ली के बारे में फैसला लेने की प्राथमिकता किसके पास है। दिल्ली के उपराज्यपाल के पास या मुख्यमंत्री के पास।

सुप्रीम कोर्ट केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच चल रही अधिकारों की लड़ाई पर अपना फैसला सुनाएगा। दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार ने उपराज्यपाल को दिल्ली का प्रशासनिक मुखिया घोषित करने के हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। अपीलीय याचिका में दिल्ली की चुनी हुई सरकार और उपराज्यपाल के अधिकार स्पष्ट करने का आग्रह किया गया है।

मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति एके सीकरी, न्यायमूर्ति एमएम खानविल्कर, न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ ने केंद्र और दिल्ली सरकार की ओर से पेश दिग्गज वकीलों की चार सप्ताह तक दलीलें सुनने के बाद गत छह दिसंबर को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

दिल्ली सरकार की ओर से वरिष्ठ वकील गोपाल सुब्रमण्यम, पी. चिदंबरम, राजीव धवन, इंदिरा जयसिंह और शेखर नाफड़े ने बहस की थी जबकि केन्द्र सरकार का पक्ष एडीशनल सालिसिटर जनरल मनिंदर सिंह ने रखा था।

 

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