सज्जादा नशीन शाह मन्सूर एजाज कुद्दुसी साबरी के खिलाफ गुस्ताखी करने का बिरोध

बरेली,क्लीयर शरीफ के सज्जादा नशीन शाह मन्सूर एजाज कुद्दुसी साबरी के खिलाफ गुस्ताख़ी करने के विरोध में दरगाह नासिर मियां व ठिरिया में अकीदतमंदों ने किया विरोध, दरगाह खादिम कमाल मियां शाने अली ने कहा कि सज्जादानशीन पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर मुरीदीन में रोष हैं। सूफी वसीम मियां साबरी ने विरोध जताते हुये कहा कि साबरी दर का हर वो शक्श हमारे लिये अहम जो साबिर पाक से निसबत रखता हैं,

सज्जादा नशीन के ख़िलाफ़ की गई गुस्ताखी को बर्दाश्त नही किया जाएगा,मोहसिन नामक व्यक्ति के ख़िलाफ़ कानून कार्यवाही की जाये, विरोध करने वालो में शाहिद रज़ा नूरी,मेराज साबरी,इस्लाम साबरी, काशिफ़ साबरी,इमरान,अनीस साबरी, बाबु चच्चा,फ़ैज़ी चिश्ती,सोहैल चिश्ती,ज़ैद अली,दिलशाद साबरी,अतीक साबरी, सलीम साबरी, मुन्ना साबरी, रेहान साबरी, फहीम साबरी, नईम साबरी, मो एराज़ साबरी, नसीम साबरी,रिज़वान साबरी आदि रहे।

ठिरिया निजावत खाँ में सज्जादा नशीन के ख़लीफ़ा सूफी माहिर मियां साबरी ने खानकाहे महिरया साबरिया में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताया कि शाह मंजूर एजाज कुद्दुसी साहब ने वक़्फ़ के नियमों पालन करते हुए नई प्रथा को न पड़ने पर जब एतराज जताया तो मोहसिन नामक व्यक्ति ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया जिसकी हम मज़म्मत करते हैं,जबकि वक़्फ़ बोर्ड ने यह तय किया हैं,कि दरगाह पर महफ़िलें समा कव्वाली पड़ी जा सकती हैं,

फिर मंगल के रोज़ कव्वाली कराने का क्या मक़सद था,साबिर पाक की दरगाह से हमेशा शांति सोहार्द का संदेश पूरी दुनिया मे दिया जाता हैं आपकी दरगाह से हर मज़हब का आदमी दरगाह पर पूरी आस्था श्रद्धा से हाज़री देते हैं ऐसी दरगाह जहाँ पर हमेशा अमन की बात होती हैं ऐसे आसामाजिक तत्व बयान जारी करके माहौल को खराब करने की कोशिश करते हैं हुकूमत का जब ये आदेश हैं

किसी भी किस्म की नई प्रथा को नही डाला जाएगा तो फिर क्यों मंगल के रोज़ नई प्रथा की क्यों डाला गया,वक़्फ़ बोर्ड के नियमों का पालन करते हुऐ जब इस पर आपत्ति जताई तो उनके विरुद्ध अशब्दो का प्रयोग किया गया जिसको कतई बर्दाश्त नही किया जाएगा शासन प्रशासन से हम लोग मांग करते हैं कि मोहसिन नाम के व्यक्ति पर कार्यवाही करे। इस मौके पर सूफ़ी माहिर मियां साबरी, आशिक,मोबिन,फैज़ान,अकरम,मो शान,हाफिज जीशान,साजिद,शादाब,यासीन,ताहिर,तौसीफ,इसरार,नदीम,बिलाल,मुनाजिर,मासूम,शारुख,आज़ाद,जीशान आदि ने विरोध किया।

 

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